नज़्म

नज़्म: "तेरा ज़िक्र हर लम्हा" तू है मलिक, तू है क़ुद्दूस, तू है सलाम, हर सांस में तेरा ही है मुक़ाम। तू है ग़फ़्फ़ार, तू है सत्तार...

Shakil Ansari