इंसान क्या-क्या नहीं करता, बस ज़िंदा रहने के लिए,माल का कटरा जोड़ता है, उम्र भर मरने के लिए।

इंसान क्या-क्या नहीं करता, बस ज़िंदा रहने के लिए, माल का कटरा जोड़ता है, उम्र भर मरने के लिए। सुबह से शाम, शाम से रात, रोटी की ख़ातिर भागता ...

Shakil Ansari