Thursday, 13 March 2025

टोपी पहनना सुन्नत है और इसका एहतमाम करना चाहिए, लेकिन अगर कोई शख्स बिना टोपी के नमाज़ पढ़े तो उसकी नमाज़ मुकम्मल (valid) होगी, मगर उसे सुन्नत का सवाब (reward) नहीं मिलेगा।


सुनन अबू दाऊद, हदीस नंबर: 643

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झूठ के शहर में सच का मुसाफ़िर ,सीरत-ए-नबी ﷺ: सुकून का रास्ता,,,, दर्द से दरूद तक” — क्योंकि इसमें आपकी पूरी शायरी का सफ़र (दुनिया की सच्चाई → दर्द → रब और रसूल ﷺ की मोहब्बत) आ जाता है।

वह सारे लोग मेरी आँख में खटकते हैं, जो लब पे शहद मगर बुग़्ज़ दिल में रखते हैं। निशानियों में से उनकी निशानी ये भी है, हर एक बात ...

Shakil Ansari