झूठ के शहर में सच का मुसाफ़िर ,सीरत-ए-नबी ﷺ: सुकून का रास्ता,,,, दर्द से दरूद तक” — क्योंकि इसमें आपकी पूरी शायरी का सफ़र (दुनिया की सच्चाई → दर्द → रब और रसूल ﷺ की मोहब्बत) आ जाता है।

वह सारे लोग मेरी आँख में खटकते हैं, जो लब पे शहद मगर बुग़्ज़ दिल में रखते हैं। निशानियों में से उनकी निशानी ये भी है, हर एक बात ...

Shakil Ansari